Sunday, 9 October 2016

अनुपात और समानुपात

प्रिय पाठ्कों 

अनुपात और समानुपात

अनुपात क्या है?

अनुपात समान भाजक विभाजित होकर दो संख्याओं के बीच का संबंध है| से का संबंध को लिखेंगे a : b = a / b अनुपात में a : b , हम a को पूर्वपद और b को अनुवर्ती कहते हैं|


उदाहरण :  4 : 9 के अनुपात को हम  4 / 9 लिख सकते हैं जिसमें 4 एक पूर्वपद है और अनुवर्ती = 9

अनुपात का नियम :  अनुपात में अनुपात के प्रत्येक पद को किसी शून्य रहित संख्या से गुणा और विभाजित करने पर वह अनुपात को प्रभावित नहीं करेगा|
अनुपात समस्या के विभिन्न प्रकार के बैंकिंग परीक्षा में एक बहुत ही आवश्यक विषय है, यह मात्रात्मक अभिवृत्ति में दिए जाते हैं। आपके बेहतर अभ्यास के लिए नीचे कुछ और उदाहरण दिए गए हैं।
हम अपने स्कूल के दिनों में जो भी सीखते वह मूल बातें होती हैं जोकि हमारे स्कूल में परीक्षा पारित करने के लिए पर्याप्त होती है। किन्तु अब समय  प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आ गया है। जिसके लिए हमें उन्ही मूल तथ्यों की आवश्यकता होती हैकिन्तु साथ ही हमें बहुत कुछ नया भी सीखना पड़ता है। तब हमारे काम आती हैं शॉर्टकट ट्रिक्स और फ़ॉर्मूला (सूत्र)


समानुपात क्या है?

समानुपात के अनुसार दो अनुपात बराबर है

यदि a : b = c : d, हम लिखते हैं  a : b : : c : d,

उदाहरण. 3 / 15 = 1 / 5

a और  d एक्सट्रीम कहलाते हैं, जबकि bऔर c माध्य पद कहलाते हैं|



मात्रा का समानुपात 

चार मात्राएँ a, b, c, d समानुपात हैं तो हम इसे लिख सकते हैं

a : b = c : d

तो  a : b : : c : d  <–> ( a x d ) = ( b x c )

माध्य का गुणनफल  = एक्सत्ट्रीम्स का गुणनफल  


यदि समान प्रकार की तीन मात्राएँ a, b, c  दी गयी हैं, अत: हम यह कह सकते हैं की समानुपात जारी है|

a : b = b : c मध्य संख्या b माध्य समानुपात कहते हैं| a और  c एक्सट्रीम संख्याएं कहलाती हैं|

तो, b2 = ac. ( मध्य संख्या)2 = ( पहली संख्या अंतिम संख्या )|


1यदि P : Q : R = 2 : 3 : 4 , तो P / Q : Q / R : R / P = ?
A. 8: 9: 24
B. 7: 9: 24
C. 4: 6: 15
D. 8: 11: 24
E. इनमें से कोई नहीं 

2: यदि  2P = 3Q = 4R,तो P : Q : R = ?
A. 2: 3: 5
B. 2: 3: 4
C. 3: 5: 6
D. 1: 2: 3
E. इनमें से कोई नहीं 

3: यदि P : Q = 2 : 3 , Q : R = 4 : 5 और R : S = 6 : 7 , तो P : S = ?
A. 18: 25
B. 17: 35
C. 16: 35
D. 8: 11
E. इनमें से कोई नहीं 

4:रमा अपनी पेन्सिल चार दोस्त राकेश, राहुल, रंजन और रोहित में  1 / 2 : 1 / 3 : 1 / 4 : 1 / 5 के अनुपात में बाँटती है| प्रत्येक व्यक्ति के पास पेन्सिल की न्यूनतम संख्या क्या होगी?
A. 66
B. 64
C. 72
D. 77
E. इनमें से कोई नहीं 

5: दो संख्याएं, तीसरी संख्या से क्रमश: 40% और 60% अधिक हैं| दोनों संख्याओं का औसत ज्ञात करें|
A. 8: 7
B. 7: 9
C. 9: 11
D. 8: 13
E. इनमें से कोई नहीं 

6:1210 रूपये तीन व्यक्तियों P, Q, R में इस प्रकार विभाजित किया गया की P : Q = 5 : 4 और  Q : R = 9 : 10| तो  R प्राप्त राशि ज्ञात करें|

A. 450
B. 400
C. 500
D. 375
E. इनमें से कोई नहीं 

7:4200 रूपये की राशि को जॉय, संजय और बिजोय में 2 : 4 : 6 के अनुपात में बांटा गया| संजय को कितनी राशि मिली?
A. 1200
B. 1300
C. 1400
D. 1500
E. इनमें से कोई नहीं 

8 : 64 और 49 दो संख्याओं के बीच समानुपाती माध्य ज्ञात करें|

A. 45
B. 52
C. 54
D. 56
E. इनमें से कोई नहीं 

9: 3 : 5 को 5 : 6 बनाने के लिए उसमें क्या संख्या जोड़नी होगी?
A. 7
B. 6
C. 8
D. 5


10: 385 रु P , Q , R में इस प्रकार विभाजित करता है की को  20 रूपये अधिक मिलते हैं और R को से 15 रूपये अधिक मिलते हैं| R का हिस्सा क्या होगा?
A. 156
B. 145
C. 152
D. 150
E. इनमें से कोई नहीं 

उत्तर-
हल के साथ उत्तर-
हल:
1P : Q : R = 2 : 3 : 4 .
Let P = 2k,
Q = 3k,
R = 4k.
Then,
P / Q = 2k / 3k = 2 / 3 ,
Q / R = 3k / 4k = 3 / 4
R / P = 4k / 2k = 2 / 1.
SO, P / Q : Q / R : R / P = 2 / 3 : 3 / 4 : 2 / 1 = 8 : 9 : 24.

हल:

2. Let 2P = 3Q = 4R = k ,
Then ,
P = k / 2,
Q = k / 3 ,
R = k / 4.
SO , P : Q : R = k / 2 : k / 3 : k / 4 = 6 : 4 : 3.

3. (C)

हल:
4.Rakesh : Rahul : Ranjan : Rohit = 1 / 2 : 1 / 3 : 1 / 4 : 1 / 5
Step 1: At First we need to do is LCM of 2,3,4 and 5 is 60.
Step 2: Then pencil are distributed in ratio among friends,
Rakesh = ( 1 / 2 x 60 ) = 30.
Rahul = ( 1 / 3 x 60 ) = 20.
Ranjan = ( 1 / 4 x 60 ) = 15.
Rohit = ( 1 / 5 x 60 ) = 12.
Step 3: Total number of pencils are ( 30 x + 20 x + 15 x + 12 x) = 77 x.
For minimum number of pencils x = 1 .
The person should have atleast 77 pencils.

हल:
5.Step 1: Let the third number is A
Then first number is 140% of A = 140 x A / 100 = 7A / 5 and second number is 160% of B = 160 x B / 100 = 8B / 5.
Step 2: now ratio of first and second number is 7A / 5 : 8B / 5 = 35A : 40B = 8 : 7.

हल:
6.P : Q = 5 : 4, Q : R = 9 : 10 = ( 9 x 4 / 9 ) : ( 10 x 4 / 9 ) = 4 : 40 / 9.
So, P : Q : R = 5 : 4 : 40 /9 = 45 : 36 : 40
Sum of ratio terms is = ( 45 + 36 + 40 ) =121.
R share of amount is Rs (1210 x 40 / 121) = Rs. 400.

हल:
7.Amount received by sanjay.
4 / 12 X 4200 = 1400= ( related ratio / sum of ratio ) x Total amount
So, the Amount received by sanjay is 1400.

हल:
8.The mean proportion of two numbers is
Root of 64 and 49 is √8 x √ 7 = 8 x 7 = 56.
So, the mean proportional is 56.

हल:
9.Let the number to be added x , Then
3 + x / 5 + x = 5 / 6
6 ( 3 + x ) = 5 ( 5 + x )
x = ( 25 – 18 ) = 7
So , the number to be added is 7 .

हल:
10.Let Q gets Rs x. Then We can say P gets Rs (x + 20 ) and R gets Rs ( x + 35) .
x + 20 + x + x + 35 = 385
3x = 330
x = 110 .
R’s share = Rs ( 110 + 35 ) = Rs 145 .

समय और कार्य

प्रिय पाठकों,
आज हम समय और कार्य के विषय में पढेंगे. यह विषय आसानी से आपके अंक बड़ा सकता है लेकिन आपको सही सिद्धांत को समझना होगा और विभिन्न प्रश्नों का अभ्यास करना होगा.


समय और कार्य के विषय में सब कुछ 


यह अध्याय सीधे और प्रत्यक्ष और प्रतिलोम रूपों की अवधारणा पर आधारित है. हमे समय, कार्य और कर्मचारीयों की संख्या के संबंध को समझने की जरूरत है.

यह मानते हुए कि सभी कर्मचारियों को एक ही दक्षता के साथ काम करते है तो हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि किया गया काम कर्मचारियों की संख्या का प्रत्यक्ष समानुपातिक और कार्य पूरा करने में लगे दिनों की संख्या का अप्रत्यक्ष समानुपातिक है 

उदहारण के तौर पर, यदि एक आदमी एक कार्य को 10 दिन में पूरा करता है तो एक दिन में वह कार्य का 1/10 पूरा करता है. 

उदहारण के तौर पर, यदि दो आदमी एक कार्य को अकेले क्रमशः10 दिन और 20 दिन में पूरा करते है, तो दोनों आदमियों का एक दिन का कुल कार्य होगा -
इस प्रकार कुल कार्य उन दोनों के द्वारा इतने समय में पूरा किया जा सकता है- 

महत्वपूर्ण बिंदु

 यदि A,X दिनों में काम का एक भाग पूरा कर सकतता हैं.
 तो, A का एक दिन का कार्य =1/पुरे कार्य का X भाग. 
  यदि A का एक दिन का कार्य=1/पुरे कार्य का X भाग, तो A,X दिनों में कार्य पूरा कर सकता है. 
➂ If यदि कार्य के एक भाग को A, X दिनों में तथा B, Y दिनों में पूरा करता है तो A और B एक साथ समान कार्य को कितने दिन में करेंगे-
  यदि A,B और C एक कार्य को क्रमशःX,Y और Z दिन में पूरा करते है. तो वह तीनो एक साथ कार्य को पूरा करने में कितना समय लेंगे-

उदाहरण: Ifयदि  X एक कार्य को 10 दिन में पूरा करता है, Y उसी कार्य को 20 दिन में करता है Z उनका दुगना कार्य 30 दिन में करता है. यदि तीनो साथ में कार्य करना शुरू करते है तो उसी कार्य को करने में उसे कितना समय लगेगा? 
हल: 
(i) एकात्मक विधि:
(ii) ल.स. विधि :
आदमियों के दिनों का सिद्धांत:

यह मानते हुए कि सभी लोग एक ही दक्षता के साथ काम करते है, हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं की यदि काम किया स्थिर है  तो दिनों की संख्या कार्यरत आदमियों की संख्या का अप्रत्यक्ष समानुपातिक है . उदाहरण के लिए, यदि 20 आदमी एक कार्य को 30 दिन में पूरा करते है, इसका अर्थ है की कुल कार्य =20X30 आदमियों के दिन=600 आदमियों के दिन,इसका mtlb है की समान कार्य 10 आदमियों द्वारा 10 दिनों में पूरा किया जा सकता है अथवा 60 आदमी इसे 10 में पूरा कर सकते है आदि. तो आदमियों के दिनों की संख्या एक अचर कार्य के दिनों के लिए अचर होती है.  
जहाँ, M आदमियों की संख्या है  
⇒ MD = अचर है  
इस प्रकार हमे एक संबंध प्राप्त होता है  

यदि कार्य अचर नहीं है तो यह आदमियों की संख्या और दिनों की संख्या दोनों के प्रत्यक्ष समानुपातिक है.
जहाँ MD आदमियों के दिनों की संख्या के बराबर है. 

उदाहरण: 10 आदमी  या  20 महिलाएं  या  30 बच्चे , एक कार्य को अलग अलग 15 दिन में पूरा करते है. यदि 10 आदमी, 12 महिलायें और 18 बच्चे एक साथ यह कार्य करते है , तो ज्ञात कीजिये की कितने समय में यह कार्य पूरा हो जाएगा? 
हल: 
यहाँ 10 आदमी, 20 महिलायें  और 30 बच्चो के  बराबर है 
अत: 1 आदमी = 2 महिलायें = 3 बच्चे  
कुल कार्य होगा 10 × 15 = 150 आदमियों के दिन  
10 आदमी, 12 महिलायें और  18 बच्चे बराबर है 10 + (12/2) + (18/3) = 22 आदमी . 
अत: कार्य पूरा करने में लिया गया समय  
= 150/22 = 75/11 = 6 (9/11) दिन . 

वैकल्पिक कार्य 
निम्नलिखित उदाहरणों में, हम चर्चा करेंगे की कार्य पूरा करने में लगे कुल समय की गणना कैसे की जा सकती है, अगर दो या अधिक कर्मचारी साथ में कार्य न करके अलग अलग दिनों में कार्य कर रहे है.
मान लीजिये A और B कर्मचारी एक परियोजना पर कार्य कर रहे है इस प्रकार की A और B अकेले इस कार्य को कर्मश: 20 और 12 दिनों में पूरा कर सकते है. अब वह दोनों अलग अलग दिन में कार्य कर रहे है,अब कार्य पूरा करने में लिए गये समय की गणना के लिए, यहाँ 2 स्थितियां हो सकती है  
(a) ‘A’ से शुरुआत 
(b) ‘B’से शुरुआत
इस प्रकार के प्रश्नों में पहले दिन का कार्य  दुसरे दिन के कार्य के बराबर नहीं होगा लेकिन पहले दो दिनों में किया गया कार्य अगले दो दिनों में किये गये कार्य के बराबर नहीं होगा और इसी प्रकार अगले दो दिनों में भी ऐसे ही.
AB  AB  AB ………
2 दिन में किया गया कार्य  
यदि हम 2 दिनों को एक चक्र मान ले और कुल कार्य को 1 यूनिट, तो कार्य पूरा करने में लगी कुल चक्र की संख्या ==15/2=7 (अभिन्न नंबर) 
7 पूर्ण चक्र के बाद कुल किया गया कार्य.
 अत: बचा हुआ कार्य होगा 1/15 

(1) A कार्य शुरू करता है: एक दिन में A पुरे कार्य का 1/20 कार्य पूरा करता है , अत: कार्य का 1/15 भाग एक दिन से अधिक में पूरा हो जाएगा. A कार्य का 1/20 भाग पूरा करता है और बचा हुआ कार्य B करता है. 
बचा हुआ कार्य  =

अब बचा हुआ कार्य B 1/60×12=1/5 दिनों में पूरा करेगा. कुल लिया गया समय होगा: 
(2) B कार्य शुरू करता है: B द्वारा कुल कार्य का बचा हुआ कार्य (1/15) करने में लिया गया समय 

पाइप और टंकी 
यह विषय खुले और बंद नल के साथ टंकी के भरने और खाली होने में लगे समय के बीच का संबंध समझता है. 
अब तक हमने केवल धनात्मक कार्य के सिद्धांत को ही दर्शाया है लेकिन पाइप और टंकी से संबधित समस्याओं में हमे नकारात्मक कार्य को भी समझना होगा. नकारात्मक कार्य के सिद्धांत को आवश्यकता के विरुद्ध किये गये कार्य के रूप में परिभाषित किया जाता है.

उदाहरण: एक नल एक टंकी को 16 मिनट में भर सकता है और दूसरा नल उस टंकी को 16 मिनट में खाली कर सकता है. अगर टंकी पहले से ही आधी भरी है, और दोनों नल खुले है, तो टैंक पूर्णत: भरेगा या खाली होगा? 
हल : 
यदि दोनों नल एक साथ खुले है, तो टंकी खाली होगी क्यूंकि टंकी को खाली करने वाले नल की दक्षता उसे भरने वाले नल से अधिक है. तो 1 मिनट में टैंक में टंकी के भरने का अनुपात  

(जिसका अर्थ है की एक मिनट में टंकी 1/6 खाली हो जाती है)
अत: 8 मिनट में आधी टंकी खली हो जाएगी 

कुछ महत्वपूर्ण ट्रिक्स

 अगर A और B एक साथ कार्य कर रहे है , एक कार्य को X दिनों में पूरा करते है,B और C,Y दिनों में, C और A, Z दिनों में 
तो, 
A, B और C एक साथ कार्य करके कार्य को पूरा करने में समय लेंगे-
              

 A अकेले इस कार्य को पूरा करने में समय लेगा  



 C अकेले इस कार्य को पूरा करने में समय लेगा=

 
Iअगर A एक कार्य को x दिनों में पूरा करता है और  B की दक्षता A से K सुना अधिक है, तो A और B द्वारा साथ में कार्य को पूरा करने में लिया गया समय  



If यदि A और B साथ में काम करते है तो एक कार्य को x दिनों में पूरा कर सकते है और B,A से k गुना अधिक दक्ष है ,  
थें लिया गया समय – 
अकेले कार्य करके कार्य पूरा करेगा  
→ (k + 1) x
B अकेले कार्य करके कार्य पूरा करेगा  


 यदि A अकेले कार्य करके और A और B के एक साथ कार्य करने से 'a' दिन अधिक लेता है. और  B अकेले कार्य करके A और B के एक साथ कार्य करने से 'b' दिन अधिक लेता है. कार्य करने में लगा समय 
  यदि A कार्य का a/b भाग X दिनों में पूरा करता है, तो कार्य का c/d भाग पूरा करने में लगा समय 
  यदि  ‘a’ आदमी और ‘b’ महिलायें एक कार्य के भाग को ‘n’ दिनों में पूरा करते है, तो  
 ‘c’ आदमी और ‘d’ महिलायें कार्य को पूरा करने में समय लेंगे  

समय और काम के लिए प्रश्नों के प्रकार

इस विषय में  मुख्य रूप से पश्नों  के तीन प्रकार शामिल  है:

 Data Sufficiency


✔ Word Problems

लाभ और हानि

प्रिय पाठकों 
लाभ और हानि के बारे में जानें सब कुछ


लाभ और हानि
लाभ और हानि का निर्धारण लागत मूल्य और विक्रय मूल्य द्वारा किया जाता है. लागत मूल्य वह मूल्य है जिस पर किसी वस्तु को ख़रीदा जाता है और विक्रय मूल्य वह मूल्य है जिस पर वस्तु को बेचा जाता है.
लाभ = विक्रय मूल्य - लागत मूल्य 


हानि = लागत मूल्य - विक्रय मूल्य 




प्रतिशत लाभ और हानि हमेशा लागत मूल्य पर ही निकाला जाता है. 

☞ यदि m वस्तु का लागत मूल्य n वस्तु के विक्रय मूल्य के बराबर है, तो लाभ प्रतिशत होगा- 


अंकित मूल्य 
अंकित मूल्य को सूची मूल्य के नाम से भी जाना जाता है. यह वस्तु पर अंकित मूल्य होता है.





जहाँ,
 CP = लागत मूल्य और MP = अंकित मूल्य



छूट या रियायत
दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अनेक रास्ते अपनाते हैं. अनेक बार वे किसी वस्तु को उसके सूची मूल्य (LP)/अंकित मूल्य (MP) से कम पर बेचते हैं. खुदरा विक्रेताओं द्वारा ऐसे ऑफर देना ही छूट या रियायत या डिस्काउंट कहलाता है. हम कह सकते हैं कि,
छूट = MP - SP

उदाहरण 1: एक डाइनिंग टेबल  Rs एक डाइनिंग टेबल का अंकित मूल्य 1350रु. है .  यदि कुछ डिस्काउंट /छूट  लगा कर उसे 1188 रु. में बेचा जाता है .  छूट  की दर ज्ञात कीजिये 


हल :
टेबल का अंकित मूल्य  = 1350 रु.
टेबल का विक्रय मूल्य  =  1188 रु.
दी दाई छूट  =  (1350 - 1188)रु. = 162 रु.
छूट दर  =162/1350×100=12
अत: छूट की दर 12% है

क्रमागत  छूट
 कभी कभी दुकानदार द्वारा एक ही वस्तु पर एक से अधिक प्रकार की छूट भी दी जाती है. जब  एक वस्तु की सूची मूल्य पर दो या दो से अधिक छूट लागु की जाती है,तो वह छूट की एक श्रृंखला बनाता है .
मान लीजिये एक दुकानदार 10%,20%और 30% की 3 क्रमागत छूट दे रहा है. तो प्रभावी छूट ज्ञात करने के लिए हम मान लेते है की अंकित मूल्य 100  है. तो अंतिम मूल्य होगी
0.90 × 0.80 × 0.70 × 100 = 0.54 × 100 = 50.4
कूल छूट = 49.6%.

☞ यहाँ पर  x % और y % के दो क्रमागत लाभ हैं तो परिणामी लाभ प्रतिशत दिया गया है

यदि यहाँ पर एक सौदे में  x% का लाभ और y % की हानि होती हैं, तो परिणामी लाभ या हानि प्रतिशत दिया जाएगा 
नोट-  उपरोक्त सूत्र में लाभ के लिए + चिन्ह का प्रयोग किया गया है और हानि के लिए – चिन्ह का प्रयोग किया गया है. यदि परिणाम + आता है तो यह कुल लाभ है, यदि परिणामी आता है – तो यह कुल हानि है.

उदाहरण 2:
यदि दो वस्तुएं समान विक्रय मूल्य पर बेचीं जाती हैं जहाँ एक 30% लाभ पर और दूसरी 30% हानि पर बेचीं जाती है तो उसके कुल लाभ या हानि का प्रतिशत क्या है ?



गलत वजन की समस्याएं (FALSE WEIGHT PROBLEMS)
दर्शाया गया.दिया गया वजन हमेशा विक्रय मूल्य के समान होगा, और वास्तविक/सही वजन लागत मूल्य के समान होगा.

यदि एक व्यापारी अपने माल लागत मूल्य पर बेचने का दावा करता है, लेकिन गलत वजन का प्रयोग करता है, तो 
उदाहरण 3:
एक दुकानदार खरीददारी के समय 20% अधिक मात्रा में दूध लेता है, जबकि दूध बेचते समय बताये गए वजन से 25% कम मात्रा में दूध बेचता है. केवल लागत मूल्य पर उसने जो बेचा, उसका लाभ प्रतिशत ज्ञात कीजिए. 

हल: 
मान लीजिये कि 1 रु प्रति मिली की कीमत पर दुकानदार 120 मिली दूध लेता है, और केवल 100 रु का भुगतान करता है.
बेचते समय वह केवल 75 मिली बेचता है और 100 मिली बताता है.
120 मिली का कुल बिक्री मूल्य
100/75×120 = 160, अतः लाभ प्रतिशत = 60%